- उज्जैन में मानवता की मिसाल, शिप्रा आरती के दौरान बिछड़ी बुजुर्ग महिला को उज्जैन पुलिस ने 6 घंटे में ढूंढ निकाला!
- भारतीय टीम के खिलाड़ी नितेश कुमार रेड्डी पहुंचे महाकाल मंदिर, भस्म आरती में हुए शामिल!
- महाकाल की नगरी उज्जैन में RSS का ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन अभियान, 65 बस्तियों में एक साथ आयोजन का लक्ष्य
- महाकाल की नगरी में विदेशी पक्षियों का डेरा, उज्जैन के तालाबों में दर्ज हुईं 67 पक्षी प्रजातियाँ
- Ujjain Latest News: हिंदू सम्मेलन के संदेश को लेकर तीनबत्ती चौराहा पर हुआ सांस्कृतिक आयोजन, मंथन स्टूडियो और उज्जैन लाइव ने किए 2 गीत लॉन्च!
4 साल पहले पूछा था- ध्यानचंद कौन है, अब है नेशनल खिलाड़ी
उज्जैन | ये है 12 साल के दीपक वाघेला की कहानी। आज यह हॉकी का नेशनल खिलाड़ी है लेकिन चार साल पहले हॉकी के जादूगर ध्यानचंद को खोज रहा था।
अपने घर के पास के खेल मैदान पर रोज शाम को जाकर खड़ा हो जाता और हॉकी खेल रहे लड़कों को घंटों देखता। एक दिन उसे कोच ने बुलाया। पूछा- हॉकी खेलना है? दीपक थोड़ी देर चुप रहा, फिर बोला- इनमें से ध्यानचंद कौन है? कोच ने कहा- ध्यानचंद यहां नहीं, वो तो बहुत बड़े खिलाड़ी थे। दीपक बोला- मुझे लगा ध्यानचंद यहां हॉकी खेलता है। कोच ने पूछा- तुम ध्यानचंद को कैसे जानते हो? दीपक ने कहा- स्कूल में टीचर ने बताया था। मुझे भी ध्यानचंद जैसा बनना है। बस उसके बाद दीपक की ट्रेनिंग शुरू हो गई। चार साल पहले दीपक घौंसला के देवसिंह लसूड़िया गांव से उज्जैन आया था। पिता राधेश्याम वाघेला चौकीदारी करने के लिए यहां आए थे। वे मकान निर्माण करने वाले मिस्त्री के साथ मजदूरी करते हैं। मां सुगन घर बर्तन साफ करने जाती है। दीपक अब सरकारी स्कूल में कक्षा आठवीं में पढ़ता है। जिला खेल एवं युवक कल्याण विभाग के कोच गोपाल गौतम उसे हॉकी सीखा रहे हैं। कोच गौतम ने बताया मप्र की अंडर-14 टीम में उसका सिलेक्शन हुआ। यह टीम छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में नेशनल चैंपियनशिप के लिए खेली।